जीवन है तेरे हवाले मुरलिया वाले - Jivan Hai Tere Hawale Muraliya Wale
परिचय
यह भजन भगवान श्रीकृष्ण के प्रति पूर्ण समर्पण और प्रेम की भावना को व्यक्त करता है। इसमें भक्त अपने जीवन को मुरलीधर श्रीकृष्ण के चरणों में अर्पित करते हुए उनसे प्रार्थना करता है कि वे उसे अपने अधीन रखकर अपनी इच्छा अनुसार चलाएं।
भावार्थ
भजन का भाव यह है कि भक्त स्वयं को भगवान श्रीकृष्ण के हाथों की कठपुतली और उनकी मुरली के समान मानता है। जैसे मुरली भगवान की इच्छा से ही मधुर धुन बजाती है, वैसे ही भक्त चाहता है कि उसका जीवन भी प्रभु की इच्छा के अनुसार चले। संसार में जब अपने भी पराए हो जाते हैं, तब केवल भगवान ही सच्चे सहारे बनते हैं। इसलिए भक्त उनसे प्रार्थना करता है कि वे उसे अपनाकर अपने चरणों में स्थान दें और वृंदावन में बसने का आशीर्वाद प्रदान करें।