मेरे गिरधर तू ही सहारा है - Mere Girdhar Tu Hi Sahara Hai
परिचय
“मेरे गिरधर तू ही सहारा है” एक अत्यंत भावपूर्ण भक्ति गीत है जो भगवान श्रीकृष्ण के प्रति पूर्ण समर्पण और श्रद्धा को व्यक्त करता है। इस भजन में भक्त अपने जीवन की हर परिस्थिति में कृष्ण को ही अपना एकमात्र सहारा मानता है। यह भजन विशेष रूप से वृंदावन और भक्ति संकीर्तन में गाया जाता है और श्रोताओं के हृदय को गहरे स्तर पर स्पर्श करता है।
भावार्थ
इस भजन का मूल भाव यह है कि संसार के सभी रिश्ते और सहारे क्षणिक हैं, जबकि भगवान कृष्ण का साथ सदा अटल और सच्चा है। भक्त कहता है कि चाहे सुख हो या दुख, हर स्थिति में वह केवल गिरधर (कृष्ण) पर ही निर्भर है।
यह भजन हमें सिखाता है कि जब जीवन में कोई साथ न दे, तब ईश्वर का स्मरण और भक्ति ही सच्चा मार्ग और सहारा बनता है।