मैं तो भानु बाबा के ढिंग जाऊँगी - Mein To Bhanu Baba Ke Dhing Jaungi
“मैं तो भानु बाबा के ढिंग जाऊँगी” एक पारंपरिक भक्तिमय भजन है जो भानु बाबा के प्रति श्रद्धा, भक्ति और प्रेम को सुंदर अंदाज में व्यक्त करता है। इस भजन में भक्त अपने मन की इच्छा और भावनाओं के साथ भानु बाबा के दर्शन करने, उनके चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करने और बधाई लेने की बात करता है।
मैं तो भानु बाबा के ढिंग जाऊँगी,
हाँ बधाई लेके आऊँगी॥
मैं तो भानु बाबा के ढिंग जाऊँगी,
अरे हाँ बधाई लेके आऊँगी॥
मैंने सुना है वहाँ लाली भई है,
लाली भी जग से निराली भई है॥
जाके लाली के दर्शन पाऊँगी,
हाँ बधाई लेके आऊँगी॥
मैं तो भानु बाबा के ढिंग जाऊँगी,
हाँ बधाई लेके आऊँगी॥
अरी गौने में लाई जो पचरंग साड़ी,
जयपुरिया लहंगा, वा पे गोटे की किनारी॥
वा में लहर लहर लहराऊँगी,
हाँ बधाई लेके आऊँगी॥
मैं तो भानु बाबा के ढिंग जाऊँगी,
अरे हाँ बधाई लेके आऊँगी॥
ऐरी सखी आज लागी या मन में,
कब पहुँचूँगी मैं श्री महलन में॥
मुख निरख निरख बलि जाऊँगी,
हाँ बधाई लेके आऊँगी॥
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