अहोई माता की आरती - ahoi mata ki arti

अहोई माता की आरती संतान की रक्षा, दीर्घायु और कल्याण के लिए की जाने वाली अत्यंत पावन आरती है। अहोई माता को मातृत्व, वात्सल्य और संतान सुख की देवी माना जाता है। इस आरती का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से संतान से जुड़े कष्ट, भय और बाधाएँ दूर होती हैं।

🌼 अहोई माता की आरती 🌼

जय अहोई माता, जय अहोई माता।
तुमको निशदिन ध्यावत, हर विष्णु विधाता॥

ब्राह्मणी, रुद्राणी, तुम ही जग माता।
सूर्य चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥

रूप चतुर्भुज सोहे, वर मुद्रा धारी।
माता करुणा मयी हो, दुख हरो हमारी॥

जो कोई तुमको ध्यावत, नित मंगल पाता।
संतान सुख पावै, कुल की ज्योति बढ़ाता॥

दूध, फल, मेवा, मिठाई भोग धराते।
श्रद्धा भाव सहित जो, पूजा कर पाते॥

अहोई माता की आरती, जो कोई नर गावै।
संतान सहित सुखी हो, मनवांछित फल पावै॥

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