जय जय शनि देव भक्तन हितकारी - Shani Dev Aarti

श्री शनि देव आरती भगवान शनिदेव की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत प्रभावशाली और पावन स्तोत्र है। शनिदेव कर्मों के न्यायाधीश हैं और प्रत्येक जीव को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई शनि आरती से साढ़ेसाती, ढैय्या, शनि दोष एवं जीवन की बाधाओं में शांति प्राप्त होती है।

🪐 श्री शनि देव आरती 🪐

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥

श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुज धारी।
नीलांबर धार नाथ गज की असवारी॥

किरिट मुकुट शीश सहज दीपत है लिलारी।
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥

मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥

देव दनुज ऋषि मुनि सुरत नर नारी।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।

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